Bihar News: (नीरज कुमार, गयाजी) मगध की सांस्कृतिक और पौराणिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाने वाला गया जी का तिलकुट उद्योग आज भी अपनी पहचान और स्वाद के कारण देश-विदेश में मशहूर है. फल्गु नदी के किनारे बसे गया शहर को जहां धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता है, वहीं यहां के तिलकुट का स्वाद हर मौसम में लोगों की जुबां पर रहता है. करीब डेढ़ सौ वर्षों से चली आ रही इस परंपरा ने न सिर्फ लोगों के दिलों में अपने लिए खास जगह बनाई है बल्कि हजारों परिवारों के लिए आजीविका का आधार बन चुकी है. इसके बावजूद आज तक इस विशिष्ट मिष्ठान को भौगोलिक संकेत (जीआई) टैग नहीं मिल पाया है, जो इसकी अंतरराष्ट्रीय पहचान और स्थायी विकास के लिए जरूरी है.
गयाजी में कब हुई थी तिलकुट उद्योग की शुरुआत?
स्थानीय इतिहासकारों का मानना है कि तिलकुट उद्योग की शुरुआत 19वीं सदी के मध्य में हुई थी. बिहार के फतुहा के चितसौरा गांव के बंसी साव अपने ससुराल गया आए और यहां रोजगार की तलाश में उन्होंने तिलकुट बनाने का कार्य शुरू किया. गोपी साव, रघु साव, पुनीत साव और रामदास केशरी के सहयोग से इस उद्योग की नींव रखी गई. समय के साथ यह उद्योग पूरे शहर में फैल गया. आज टिकारी रोड और रमना रोड इसका मुख्य केंद्र हैं, जहां तीन सौ से अधिक छोटी-बड़ी दुकानें तिलकुट का पारंपरिक स्वाद बनाए रखने में लगी हैं. सर्दियों के मौसम में इसकी मांग बढ़ने पर आसपास के जिलों से भी कारीगर यहां आते हैं. अनुमान है कि इस उद्योग से पांच हजार से अधिक परिवारों की आजीविका चल रही है.
कैसे तैयार होता है तिलकुट?
तिलकुट की खासियत इसकी अनूठी निर्माण कला में छिपी है. इसमें सफेद तिल व गुड़ या चीनी की चाशनी का मिश्रण किया जाता है, जिसे विशेष धातु के मूसल से पीटा जाता है. यह पिटाई ही उसे वह खास कुरकुरापन और सुगंध देती है जो मशीनों से बने तिलकुट में संभव नहीं. यही वजह है कि गया का तिलकुट स्वाद और गुणवत्ता दोनों में अलग पहचान रखता है.
Solimo 2000/1000 Watts Room Heater
Adjustable thermostat • ISI certified • Ideal for small to medium rooms
📦 Featured Product Recommendation
Below is a top-recommended product you can buy on Amazon — support us by using the link below (we earn a commission at no extra cost to you).
🔗 Buy on Amazon* Shop with confidence — Amazon Affiliate Link
RR Signature WARMAXX Room Heater
Dual heating mode • Overheat protection • 5-level safety • 2 year warranty
View on AmazonBorosil 2000W Novus Electric Fan Heater
Made in India • Variable temperature • Horizontal & vertical placement
See Details on Amazonसर्दियों में तिलकुट सेहत के लिए होता है फायदेमंद
सर्दियों में तिलकुट सेहत के लिए भी अत्यंत लाभकारी माना जाता है. आयुर्वेदाचार्य बताते हैं कि तिल और गुड़ दोनों ही उष्ण प्रकृति के होते हैं, जो शरीर को भीतर से गर्म रखते हैं. यह रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, हड्डियों को मजबूत करने, त्वचा व बालों के लिए पोषक तत्व प्रदान करने के साथ ही ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने में मदद करता है. आयरन, कैल्शियम, प्रोटीन और फाइबर से भरपूर यह मिष्ठान सर्दी-जुकाम से बचाव और मानसिक तनाव कम करने में भी उपयोगी है.
कई फ्लेवरों में तैयार हो रहा है तिलकुट
आज तिलकुट कई फ्लेवरों में तैयार हो रहा है- चीनी खस्ता, गुड़ खस्ता, तिल बादाम लड्डू, पीनट चिक्की, ड्राई फ्रूट तिलकुट, खोवा और केसर तिलकुट से लेकर तिल बर्फी और तिल बदाम लड्डू जैसे आधुनिक विकल्प बाजार में उपलब्ध हैं. इन्हीं सब वजहों से गया का तिलकुट केवल एक मिठाई नहीं, बल्कि परंपरा, स्वाद, सेहत और रोजगार का संगम है. जो अपनी पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दर्ज कराने की प्रतीक्षा में है.
The post Bihar News: बेहद प्रसिद्ध है बिहार के इस जिले का तिलकुट, अनोखी पिटाई से कई फ्लेवरों में किया जाता है तैयार appeared first on Prabhat Khabar.
