- 2020–25 में सात निश्चय-2 के तहत 50 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराए गए।
- नया लक्ष्य: 2025–30 के बीच 1 करोड़ युवाओं को नौकरी व रोजगार—टेक्नोलॉजी व सर्विस-आधारित योजनाओं पर जोर।
- डिफेंस कॉरिडोर, सेमीकंडक्टर पार्क, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स, मेगा टेक सिटी, फिनटेक सिटी और बिहार एआई मिशन जैसी योजनाएँ प्रस्तावित।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सात निश्चय-2 के तहत वर्ष 2020 से 2025 के बीच राज्य में लगभग 50 लाख युवाओं को नौकरी व रोजगार दिया गया है। नई सरकार ने अगले पाँच वर्षों (2025–2030) के लिए यह महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है कि 1 करोड़ युवा रोजगार से जुड़ें।
सरकार ने बताया कि राज्य में न्यू-एज इकॉनमी (New Age Economy) विकसित करने के उद्देश्य से प्रौद्योगिकी व सेवा-आधारित नवाचारों को बढ़ावा दिया जाएगा। बिहार से जुड़े अग्रणी उद्यमियों के सुझाव लेकर नीतियाँ तैयार की जाएँगी और विशेषज्ञों की सलाह से एक विस्तृत कार्ययोजना बनाई जाएगी ताकि राज्य को ग्लोबल-बैकएंड-हब और ग्लोबल वर्कप्लेस के रूप में स्थापित किया जा सके।
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See Details on Amazonमुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की युवा जनसंख्या राज्य की सबसे बड़ी शक्ति है और यदि इन्हें संगठित व प्रशिक्षित किया जाए तो बिहार देश के सबसे तेजी से विकास करने वाले राज्यों में उभर सकता है।
प्रमुख प्रस्तावों में शामिल हैं — डिफेंस कॉरिडोर, सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग पार्क, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स, मेगा टेक सिटी और फिनटेक सिटी। साथ ही, राज्य में नई चीनी मिलें स्थापित करने एवं बंद पड़ी मिलों को पुनः चालू करने की नीति भी लाई जा रही है।
राज्य के प्रमुख शहरों को आधुनिक बनाने के लिए बिहार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन की स्थापना करने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत स्मार्ट सिटी मॉड्यूल, डेटा-सेंट्रिक सॉल्यूशन और एआई-आधारित सिटी-मैनेजमेंट के मॉडल विकसित किए जाएंगे।
इन्हीं योजनाओं के क्रियान्वयन और निगरानी के लिए आज मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित कर दी गई है। यह समिति औद्योगिक नीतियों, बुनियादी ढाँचे, ऊर्जा आपूर्ति और मानव संसाधन विकास पर नजर रखेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा — “हमलोग तेज़ी से काम शुरू कर चुके हैं, और जो काम हमलोग शुरू करते हैं, उसे पूरा करते हैं।”
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