- सम्राट चौधरी को बिहार भाजपा विधानमंडल दल का नेता चुना गया।
- विजय सिन्हा को भाजपा उप‑नेता पद पर नियुक्त किया गया।
- यह निर्णय सरकार गठन की तैयारियों के बीच लिया गया।
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See Details on AmazonRxTv भारत , पटना –– बिहार विधानसभा चुनाव के बाद आज (19 नवम्बर 2025) भाजपा विधायक दल की बैठक में सम्राट चौधरी को नेता और विजय सिन्हा को उपनेता पद पर सर्वसम्मति से चुना गया।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, यह चयन सामाजिक‑दर्शी समीकरण और रणनीति को ध्यान में रखते हुए किया गया है। बैठक में यह प्रस्ताव भी मंजूर किया गया कि NDA सरकार बनाई जाए, जिसमें जनता दल (यू) का भी समर्थन शामिल है।
सिन्हा और चौधरी को संभावित रूप से डिप्टी CM के रूप में देखा जा रहा है। वरिष्ठ भाजपा नेता कहते हैं कि यह कदम सिर्फ पद देने का नहीं, बल्कि राजनीतिक संतुलन और सामाजिक समीकरण बनाने की रणनीति का हिस्सा है।
चुनावी जीत और जनाधार की बात करें तो, सम्राट चौधरी ने तारापुर विधानसभा सीट से जीत हासिल की है, वहीं विजय सिन्हा लखीसराय सीट से विधायक बने हैं। यह उनकी जन‑स्वीकृति और ताकत को और मजबूत करता है।
राजनीतिक दाव‑पेंच और विवादों की बात करें तो, सम्राट चौधरी ने हाल ही में प्रशांत किशोर (PK) के आरोपों पर पलटवार किया और कहा कि उनके परिवार के 22 सदस्यों को लालू यादव की सरकार ने जेल भेजा था। वहीं, विजय सिन्हा ने इंटरव्यू में कहा कि “बिहारी पहचान अब सम्मान, स्वाभिमान और समृद्धि की मिसाल” बन रही है।
विश्लेषकों का कहना है कि यह नेतृत्व परिवर्तन भाजपा के लिए रणनीतिक और प्रतीकात्मक दोनों मायनों में महत्वपूर्ण है। अगर ये दोनों डिप्टी मुख्यमंत्री बने, तो उनकी पावर सेंटर बहुत मजबूत हो सकती है। हालांकि, सम्राट चौधरी की निजी पृष्ठभूमि और राजनीतिक इतिहास अभी भी मीडिया में चर्चा में है।
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